Environmental Economics (पर्यावरणीय अर्थशास्त्र)
यह पाठ्यपुस्तक पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के अंतर्संबंध, बाह्यताएँ (Externalities), बाजार विफलता, कोज़ प्रमेय (Coase Theorem), पर्यावरणीय कुजनेट्स वक्र (EKC), पिगोवियन कर (Pigouvian Tax), पेरिस जलवायु समझौता, भारत के पंचामृत लक्ष्य तथा एनजीटी (NGT Act 2010) को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करती है।
Environment and Economy Interlinkages
पर्यावरणीय अर्थशास्त्र अर्थशास्त्र की वह शाखा है जो आर्थिक गतिविधियों और भौतिक पर्यावरण के बीच परस्पर क्रियाओं का अध्ययन करती है। यह ऊष्मागतिकी के नियमों (Laws of Thermodynamics) पर आधारित है।
Market Failure (बाजार विफलता)
जब मुक्त बाजार शक्तियाँ (माँग व पूर्ति) संसाधनों का कुशल आवंटन (Pareto Efficient Allocation) करने में असफल रहती हैं, तो उसे बाजार विफलता कहते हैं। पर्यावरण में यह बाह्यताओं और संपत्ति अधिकारों के अभाव के कारण होता है।
बाह्यता (Externality) किसी आर्थिक एजेंट द्वारा की गई ऐसी गतिविधि की लागत या लाभ है जो किसी तीसरे पक्ष द्वारा भुगती जाती है, और जिसका कोई बाजार मूल्य नहीं चुकाया जाता।
जहाँ: $\text{MPC}$ = सीमांत निजी लागत (Marginal Private Cost), $\text{MEC}$ = सीमांत बाह्य प्रदूषण लागत (Marginal External Cost)।
| बाह्यता का प्रकार | उदाहरण (Example) | आर्थिक परिणाम (Economic Effect) |
|---|---|---|
| ऋणात्मक उत्पादक बाह्यता (Negative Production) | रसायन कारखाने द्वारा नदी में रसायन बहाना। | वस्तु का अत्यधिक उत्पादन (Over-production) और कम मूल्य निर्धारण। |
| धनात्मक उपभोग बाह्यता (Positive Consumption) | टीकाकरण करवाना या शिक्षा प्राप्त करना। | वस्तु का कम उपभोग (Under-consumption)। |
1968 में Garrett Hardin ने अपने प्रसिद्ध लेख "The Tragedy of the Commons" में दर्शाया कि जब कोई संसाधन गैर-अपवर्जनीय (Non-excludable) किन्तु प्रतिद्वंद्वी (Rivalrous) होता है (जैसे खुला चरागाह, महासागर की मछलियाँ), तो प्रत्येक व्यक्ति अपने निजी लाभ के लिए उसका अति-दोहन करता है, जिससे संसाधन नष्ट हो जाता है।
1991 में अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार विजेता Ronald Coase (1960) ने प्रतिपादित किया कि यदि संपत्ति के अधिकार (Property Rights) स्पष्ट रूप से परिभाषित हों और सौदेबाज़ी की लागत (Transaction Costs) नगण्य हो, तो निजी पक्ष सौदेबाज़ी द्वारा बाह्यताओं का कुशल समाधान स्वयं खोज सकते हैं, चाहे प्रारंभिक अधिकार किसी भी पक्ष को दिए गए हों।
Assumptions of Coase Theorem:
- संपत्ति अधिकार सुस्पष्ट एवं लागू योग्य हों (Well-defined Property Rights)।
- सौदेबाज़ी लागत शून्य या नगण्य हो (Zero Transaction Costs)।
- वार्ता में शामिल पक्षों की संख्या कम हो।
EKC उल्टे U-आकार (Inverted U-Shape) का वक्र है जो प्रति व्यक्ति आय (प्रति व्यक्ति GDP) और पर्यावरणीय क्षरण (Pollution) के बीच संबंध दर्शाता है।
Inverted U-Shape EKC Curve
Low Income & Low Pollution
Rising Income & Peak Pollution
High Income & Declining Pollution
Valuation and Policy Instruments
| विधि का नाम (Method Name) | प्रकार (Type) | कार्यप्रणाली (Mechanism) |
|---|---|---|
| Contingent Valuation Method (CVM) | Direct / Stated Preference | लोगों से प्रत्यक्ष सर्वेक्षण द्वारा उनकी WTP (Willingness to Pay) या WTA (Willingness to Accept) पूछना। |
| Travel Cost Method (TCM) | Indirect / Revealed Preference | किसी प्राकृतिक पार्क में आने-जाने पर लोगों द्वारा खर्च की गई यात्रा लागत के आधार पर स्थल का मूल्य आंकना। |
| Hedonic Pricing Method (HPM) | Indirect / Revealed Preference | पर्यावरणीय गुणों (जैसे स्वच्छ हवा, शांत माहौल) के आधार पर संपत्ति/मकान के मूल्यों में अंतर का अध्ययन। |
A.C. Pigou द्वारा प्रस्तावित पिगोवियन टैक्स (Pigouvian Tax) "प्रदूषक भुगतान करे" (Polluter Pays Principle) पर आधारित है। यह कर प्रति इकाई सीमांत बाह्य लागत ($\text{MEC}$) के बराबर लगाया जाता है।
Climate Change and International Agreements
India's 5 Panchamrit Commitments (COP26 Glasgow):
- 500 GW: 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता प्राप्त करना।
- 50% Renewable: 2030 तक अपनी 50% ऊर्जा आवश्यकताएँ नवीकरणीय स्रोतों से पूरी करना।
- 1 Billion Tonnes: अब से 2030 तक कुल अनुमानित कार्बन उत्सर्जन में 1 अरब टन की कमी करना।
- 45% Carbon Intensity: 2030 तक अपनी अर्थव्यवस्था की कार्बन तीव्रता को 45% से कम करना।
- Net-Zero 2070: वर्ष 2070 तक शुद्ध शून्य (Net-Zero) उत्सर्जन का लक्ष्य प्राप्त करना।
Environment and Policy in India
1984 की भोपाल गैस त्रासदी के बाद Environment Protection Act (EPA) 1986 पारित किया गया। इसके अतिरिक्त National Green Tribunal (NGT) Act 2010 द्वारा पर्यावरण मामलों के त्वरित निस्तारण हेतु विशेष न्यायाधिकरण की स्थापना की गई।
| आंदोलन का नाम | वर्ष व स्थान | प्रमुख नेतृत्वकर्ता | मुख्य उद्देश्य |
|---|---|---|---|
| चिपको आंदोलन (Chipko) | 1973, उत्तराखंड (चमोली) | सुंदरलाल बहुगुणा, गौरा देवी, चंडी प्रसाद भट्ट | पेड़ों से चिपककर वनों की अंधाधुंध कटाई रोकना। |
| नर्मदा बचाओ आंदोलन | 1985, मध्य प्रदेश/गुजरात | मेधा पाटकर, बाबा आम्टे | सरदार सरोवर बांध से विस्थापित आदिवासियों का पुनर्वास। |
| अप्पिको आंदोलन (Appiko) | 1983, कर्नाटक (उत्तर कन्नड़) | पांडुरंग हेगड़े | दक्षिण भारत में पश्चिमी घाट के वनों का संरक्षण। |
Examination Question Bank & Revision Tools
उत्तर रूपरेखा: 1. बाह्यता की समस्या, 2. कोज़ प्रमेय का कथन, 3. संपत्ति अधिकार व सौदेबाजी, 4. सीमाएँ (सौदेबाजी लागत, अत्यधिक पक्षकार)।