भारत में आर्थिक विकास एवं नीति - I
यह संपूर्ण पाठ्यपुस्तक भारतीय आर्थिक विकास के मुख्य सिद्धांतों तथा व्यावहारिक नीतियों को कवर करती है। इसमें आर्थिक संवृद्धि बनाम विकास, HDI, MPI, नीति आयोग, हैरोड-डोमर ICOR मॉडल, FDI बनाम FII, जनसांख्यिकी लाभांश एवं मनरेगा (MGNREGA) योजना का विस्तृत विश्लेषण शामिल है।
आर्थिक संवृद्धि, विकास एवं सततता
आधुनिक आर्थिक विश्लेषण में आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) तथा आर्थिक विकास (Economic Development) के बीच एक स्पष्ट अंतर किया जाता है। संवृद्धि वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) या प्रति व्यक्ति आय में मात्रात्मक वृद्धि को दर्शाती है, जबकि विकास में संरचनात्मक परिवर्तन, गरीबी उन्मूलन, असमानता में कमी तथा जीवन स्तर में समग्र सुधार शामिल है।
माइकल पी. टोडारो (Todaro) के अनुसार परिभाषा:
"आर्थिक विकास को एक बहुआयामी प्रक्रिया के रूप में समझा जाना चाहिए जिसमें सामाजिक संरचनाओं, लोकप्रिय दृष्टिकोणों और राष्ट्रीय संस्थानों में बड़े बदलाव शामिल हैं, साथ ही आर्थिक संवृद्धि में तेजी, असमानता में कमी और गरीबी का उन्मूलन शामिल है।"
| मापदंड | आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) | आर्थिक विकास (Economic Development) |
|---|---|---|
| प्रकृति | मात्रात्मक वृद्धि (GDP, प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि)। | बहुआयामी: मात्रात्मक + गुणात्मक संरचनात्मक परिवर्तन। |
| क्षेत्र | संकीर्ण; केवल राष्ट्रीय उत्पादन की मात्रा पर ध्यान केंद्रित करता है। | व्यापक; स्वास्थ्य, शिक्षा, समानता एवं पर्यावरणीय गुणवत्ता शामिल है। |
| मापन | वास्तविक GDP संवृद्धि दर, प्रति व्यक्ति GDP। | मानव विकास सूचकांक (HDI), बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI), PQLI। |
| प्रासंगिकता | विकसित अर्थव्यवस्थाओं के लिए अधिक प्रासंगिक। | भारत जैसे विकासशील देशों के लिए अत्यंत आवश्यक। |
केवल प्रति व्यक्ति आय की सीमाओं को दूर करने के लिए अर्थशास्त्रियों ने समग्र मानव विकास सूचकांक विकसित किए:
1. भौतिक जीवन गुणवत्ता सूचकांक (PQLI - मोरिस डी. मोरिस 1979)
PQLI तीन बुनियादी संकेतकों का औसत है (1 से 100 पैमाने पर): शिशु मृत्यु दर (IMR), 1 वर्ष की आयु पर जीवन प्रत्याशा, तथा बुनियादी साक्षरता दर।
2. मानव विकास सूचकांक (HDI - UNDP सूत्र)
HDI गुणोत्तर माध्य (Geometric Mean) का उपयोग करके 3 आयामों को जोड़ता है:
- स्वास्थ्य आयाम: जन्म के समय जीवन प्रत्याशा ($I_{\text{स्वास्थ्य}}$)।
- शिक्षा आयाम: स्कूली शिक्षा के औसत वर्ष + स्कूली शिक्षा के अपेक्षित वर्ष ($I_{\text{शिक्षा}}$)।
- जीवन स्तर: प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय - GNI ($I_{\text{आय}}$)।
1 जनवरी 2015 को योजना आयोग के स्थान पर 'नीति आयोग' (National Institution for Transforming India) का गठन किया गया। नीति आयोग सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) तथा Bottom-Up दृष्टिकोण पर आधारित थिंक-टैंक के रूप में कार्य करता है।
संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा 2015 में 17 सतत विकास लक्ष्य (SDGs) निर्धारित किए गए जिन्हें 2030 तक प्राप्त करना है। इसमें गरीबी उन्मूलन (SDG 1), भुखमरी समाप्ति (SDG 2), गुणवत्तापूर्ण शिक्षा (SDG 4) और जलवायु कार्रवाई (SDG 13) प्रमुख हैं।
पूंजी निर्माण एवं विकास मॉडल
जहाँ $g$ = आर्थिक संवृद्धि दर, $s$ = बचत दर, $\text{ICOR}$ = वृद्धिशील पूंजी-उत्पाद अनुपात।
FDI दीर्घकालिक प्रत्यक्ष निवेश है जो परिसंपत्तियों और प्रबंधन में भागीदारी लाता है, जबकि FII शेयर बाजार में अल्पकालिक वित्तीय निवेश होता है जिसे 'हॉट मनी' (Hot Money) कहा जाता है।
जनसंख्या, जनसांख्यिकी लाभांश एवं प्रवासन
जब देश की कुल आबादी में कार्यशील आयु वर्ग (15 से 64 वर्ष) का अनुपात आश्रित आबादी (बच्चों एवं बुजुर्गों) से अधिक हो जाता है, तो इसे जनसांख्यिकी लाभांश कहते हैं। भारत वर्तमान में इस स्थिति का लाभ उठा रहा है।
हैरिस-टोडारो मॉडल के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की ओर प्रवासन केवल वर्तमान मजदूरी के अंतर पर नहीं, बल्कि शहरों में प्रत्याशित वास्तविक आय (Expected Real Income) और रोजगार मिलने की संभावना पर निर्भर करता है।
रोजगार एवं मनरेगा (MGNREGA) योजना
मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005) प्रत्येक ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्यों को प्रति वर्ष कम से कम 100 दिनों के अकुशल शारीरिक रोजगार की कानूनी गारंटी प्रदान करता है।