डेटा विश्लेषण एवं सांख्यिकी पद्धतियाँ
यह व्यावहारिक पाठ्यपुस्तक प्राथमिक एवं द्वितीयक आंकड़ों के संग्रह, प्रतिदर्शन विधियों, आवृत्ति तालिकाओं, ओजाइव वक्रों, केंद्रीय प्रवृत्ति (समांतर माध्य, मध्यका, बहुलक), अपकिरण के मापों (मानक विचलन) और फिशर के आदर्श सूचकांक के गणितीय हल प्रस्तुत करती है।
आंकड़ों का संग्रह एवं प्रतिदर्शन तकनीकें
| मापदंड | प्राथमिक आंकड़े (Primary Data) | द्वितीयक आंकड़े (Secondary Data) |
|---|---|---|
| मूल स्रोत | प्रथम बार मौलिक रूप से एकत्र किए गए आंकड़े। | पूर्व प्रकाशित या अप्रकाशित एजेंसियों के आंकड़े। |
| संग्रह विधियां | प्रत्यक्ष साक्षात्कार, प्रश्नावली, अवलोकन। | NSSO रिपोर्ट, जनगणना आंकड़े, RBI बुलेटिन। |
समग्र (Population) में से नमूना चुनने की दो प्रमुख विधियाँ हैं: 1. यादृच्छिक प्रतिदर्शन (Random Sampling - जैसे सरल देव प्रतिदर्शन, स्तरित प्रतिदर्शन) तथा 2. गैर-यादृच्छिक प्रतिदर्शन (Non-Random Sampling - जैसे उद्देश्यपूर्ण प्रतिदर्शन, कोआटा प्रतिदर्शन)।
आंकड़ों का प्रस्तुतीकरण एवं ओजाइव वक्र
संचयी आवृत्ति (Cumulative Frequency) को प्रदर्शित करने वाले वक्र को ओजाइव वक्र कहते हैं। 'से कम' (Less-than) तथा 'से अधिक' (More-than) ओजाइव वक्र जहाँ एक-दूसरे को काटते हैं, वह बिंदु मध्यका (Median) को दर्शाता है।